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सामवेद

Chapter / Prapathak 2 • Dashati / Sukta 9 • Mantra 3

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 2 • दशती / सूक्त 9 • मन्त्र 3

2.9.3

Mantra ID: 2.9.3

सदा व इन्द्रश्चर्कृषदा उपो नु स सपर्यन् । न देवो वृतः शूर इन्द्रः ॥ (३)

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सामवेद मन्त्र 2.9.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे यजमानो! इंद्र हमेशा आप के पास हैं. वे पूजा किए जाने पर आप के यज्ञ की ओर आते हैं. हम ने महान इंद्र का वरण किया है. (३)

EN English Translation

O hosts! Indra is always with you. They come towards your yajna when worshiped. We have chosen the great Indra. (3)

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