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सामवेद

Chapter / Prapathak 20 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 20 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 2

20.1.2

Mantra ID: 20.1.2

आ हरयः ससृज्रिरेऽरुषीरधि बर्हिषि । यत्राभि संनवामहे ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 20.1.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र के घोड़े उन को घास के उन आसनों पर प्रतिष्ठापित करें, जिन पर हम यज्ञ में उन्हें स्थापित कर के उन की उपासना करते हैं. (२)

EN English Translation

May Indra's horses install him on the grass asanas on which we install him in the yajna and worship him. (2)

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