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सामवेद

Chapter / Prapathak 20 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 20 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 8

20.1.8

Mantra ID: 20.1.8

अध यदिमे पवमान रोदसी इमा च विश्वा भुवनाभि मज्मना । यूथे न निष्ठा वृषभो वि राजसि ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 20.1.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप परिष्कृत व पवित्र हैं. गायों के झुंड में बैल के समान आप स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक के बीच सुशोभित होते हैं. (८)

EN English Translation

O Mon! You are sophisticated and holy. Like a bull in a herd of cows, you are adorned between heaven and earth. (8)

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