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सामवेद

Chapter / Prapathak 20 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 11

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 20 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 11

20.3.11

Mantra ID: 20.3.11

वीतिहोत्रं त्वा कवे द्युमन्तँ समिधीमहि । अग्ने बृहन्तमध्वरे ॥ (११)

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सामवेद मन्त्र 20.3.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप बुद्धिमान, यञ्ञप्रेमी हैं और ह्युतिमान हैं. हम विशाल यज्ञ में आप को समिधाओं से प्रज्वलित करते हैं. (११)

EN English Translation

O agni! You are intelligent, loving and humble. We ignite you with samidhas in a huge yajna. (11)

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