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सामवेद

Chapter / Prapathak 20 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 11

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 20 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 11

20.4.11

Mantra ID: 20.4.11

उदग्ने शुचयस्तव शुक्रा भ्राजन्त ईरते । तव ज्योतीँष्यर्चयः ॥ (११)

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सामवेद मन्त्र 20.4.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! हम ज्योतिपूर्वक आप की अर्चना करते हैं. हम आप को पवित्र, चमकदार प्रकाशित ज्योति से भजते हैं. (११)

EN English Translation

O agni! We lightly worship you. We bless you with a holy, shiny illuminated light. (11)

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