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सामवेद

Chapter / Prapathak 22 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 22 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 9

22.1.9

Mantra ID: 22.1.9

त्वँ ह्येहि चेरवे विदा भगं वसुत्तये । उद्वावृषस्व मधवन्गविष्टय उदिन्द्राश्वमिष्टये ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 22.1.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप हमें धन देने के लिए पधारिए. आप सन्मार्ग पर चलने वाले को सौभाग्यवान बनाइए. आप हमारी गौ संबंधी इच्छाओं को पूरा कीजिए. (९)

EN English Translation

O Indra! You come to give us money. Make those who walk on the path of peace fortunate. You fulfill our cow-related wishes. (9)

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