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सामवेद

Chapter / Prapathak 25 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 5

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 25 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 5

25.2.5

Mantra ID: 25.2.5

या दस्रा सिन्धुमातरा मनोतरा रयीणाम् । धिया देवा वसुविदा ॥ (५)

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सामवेद मन्त्र 25.2.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! आप बुद्धिमानों के धनदाता हैं. आप नदियों को पैदा करने वाले, मनोहर व धनवान हैं. (५)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! You are the richest of the wise. You are the creator of rivers, beautiful and rich. (5)

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