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सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 6

26.2.6

Mantra ID: 26.2.6

अस्ति सोमो अयँ सुतः पिबन्त्यस्य मरुतः । उत स्वराजो अश्विना ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 26.2.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! सोमरस को मरुद्गणों के लिए निचोड़ा गया है. इसे मरुद्गण और अश्विनीकुमार सुरुचि से पीते हैं. (६)

EN English Translation

O Mon! Someras has been squeezed for the Deserts. It is drank by Marudgan and Ashwinikumar suruchi. (6)

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