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सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 1

26.3.1

Mantra ID: 26.3.1

उप नो हरिभिः सुतं याहि मदानां पते । उप नो हरिभिः सुतम् ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 26.3.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप सोम के स्वामी हैं. आप के घोड़े मनोहर हैं. आप उन घोड़ों के द्वारा इस यज्ञ में अवश्य ही पधारने की कृपा कीजिए. (१)

EN English Translation

O Indra! You are the master of Mon. Your horses are alluring. Please join this yajna through those horses. (1)

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