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सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 12

26.4.12

Mantra ID: 26.4.12

असृग्रं देववीतये वाजयन्तो रथा इव ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 26.4.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप को अन्न धन के इच्छुक यजमान ऐसे तैयार करते हैं, जैसे रथ को तैयार किया जाता है. (१२)

EN English Translation

O Mon! You are prepared by the hosts who want food and wealth, just as the chariot is prepared. (12)

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