Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 12

26.6.12

Mantra ID: 26.6.12

सह रय्या नि वर्तस्वाग्ने पिन्वस्व धारया । विश्वप्स्न्या विश्वतस्परि ॥ (१२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 26.6.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप सभी धनों को साथ ले कर पधारने की कृपा कीजिए. संसार में आनंद की धारा से हमें सींचने की कृपा कीजिए. (१२)

EN English Translation

O agni! Please take all the money with you. Please water us from the stream of joy in the world. (12)

卐 HinduText AI