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सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 14

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 14

26.7.14

Mantra ID: 26.7.14

ऊर्ध्वो गन्धर्वो अधि नाके अस्थात्प्रत्यङ्चित्रा बिभ्रदस्यायुधानि । वसानो अत्कँ सुरभिं दृशे कँ स्व३र्ण नाम जनत प्रियाणि ॥ (१४)

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सामवेद मन्त्र 26.7.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वेन! आप ऊंचे स्वर्गलोक के पास रहते हैं. आप अद्भुत आयुध धारण कर के सुशोभित होते हैं. आप सूर्य की तरह प्राणियों के लिए जल धारण कर के उसे बरसाते हैं. (१४)

EN English Translation

Hey Wayne! You live near the high heavens. You are adorned by wearing amazing armaments. You wear water for creatures like the sun and shower it. (14)

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