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सामवेद

Chapter / Prapathak 26 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 26 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 2

26.7.2

Mantra ID: 26.7.2

शिक्षेयमस्मै दित्सेयँ शचीपते मनीषिणे । यदहं गोपतिः स्याम् ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 26.7.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शचीपति (इंद्र)! यदि हम गोपति हो जाएं तो अपने इन मनीषी उपासकों को धन देने की इच्छा करें और उन्हें धन भी दें. (२)

EN English Translation

This is Shachipati (Indra)! If we become gopatis, then wish to give money to these mystic worshipers of yours and also give them money. (2)

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