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सामवेद

Chapter / Prapathak 7 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 7 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 1

7.3.1

Mantra ID: 7.3.1

उच्चा ते जातमन्धसो दिवि सद्भूम्या ददे । उग्रँ शर्म महि श्रवः ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 7.3.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! स्वर्गलोक में आप ने जन्म पाया है. आप शक्तिवर्धक, सुखदायी व यशदायी हैं. यजमान भूमिलोक पर अन्न के रूप में आप को प्राप्त करते हैं. (१)

EN English Translation

O Mon! You have attained birth in heaven. You are powerful, happy and successful. The hosts receive you in the form of food on the land. (1)

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