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सामवेद

Chapter / Prapathak 8 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 8 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 7

8.6.7

Mantra ID: 8.6.7

आदीँ हँसो यथा गणं विश्वस्यावीवशन्मतिम् । अत्यो न गोभिरज्यते ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 8.6.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमरस हंस की गति से जाता है. वह संसार के बुद्धिमानों की बुद्धि तक पहुंच रखता है. (७)

EN English Translation

Somerus goes at the speed of the swan. He has access to the wisdom of the world's wise. (7)

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