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सामवेद

Chapter / Prapathak 9 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 9 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 12

9.1.12

Mantra ID: 9.1.12

आ पवस्व सुवीर्यं मन्दमानः स्वायुध । इहो ष्विन्दवा गहि ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 9.1.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! हमारे यज्ञ में पधार कर आप उस की शोभा बढ़ाइए. आप आनंददायी हैं. आप हमें वीर बनाइए. हमें श्रेष्ठ वीर्य (संतान) प्रदान कीजिए. (१२)

EN English Translation

O Mon! Come to our yajna and adorn it. You are enjoyable. You make us heroic. Give us the best semen (offspring). (12)

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