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11.24
आ वि॒श्वतः॑ प्र॒त्यञ्चं॑ जिघर्म्यर॒क्षसा॒ मन॑सा॒ तज्जु॑षेत । मर्य्य॑श्री स्पृह॒यद्व॑र्णोऽअ॒ग्निर्नाभि॒मृशे॑ त॒न्वा जर्भु॑राणः ॥ (२४)
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यजुर्वेद मन्त्र 11.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अग्नि! आप आइए, आप सर्वत्र व्यापक हैं. हम मन से, घी से आप को प्रज्चलित करते हैं. आप स्पृहणीय (प्यारे) वर्ण वाले व सुनहरी शोभा बाले हैं. आप बारबार चाहे जाते हैं. आप हितकारी और सर्वथा ग्रहण करने योग्य देव हैं. (२४)
EN English Translation
O agni! You come, you are widespread everywhere. We light you with mind, ghee. You are a lovely and golden beauty. You go again and again. You are a beneficial and totally acceptable God. (24)