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यजुर्वेद

Adhyaya 11 • Mantra 39

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 11 • मन्त्र 39

11.39

Mantra ID: 11.39

सं ते॑ वा॒युर्मा॑त॒रिश्वा॑ दधातूत्ता॒नाया॒ हृद॑यं॒ यद्विक॑स्तम् । यो दे॒वानां॒ चर॑सि प्रा॒णथे॑न॒ कस्मै॑ देव॒ वष॑डस्तु॒ तुभ्य॑म् ॥ (३९)

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यजुर्वेद मन्त्र 11.39 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पृथ्वी! आप विशाल हदय हैं. आप जल व वनस्पति धारण कीजिए. आप देवों में प्राणों का संचार करती हैं. आप किस देव के प्रति कल्याणदायी नहं हैं. (३९)

EN English Translation

O Earth! You are a huge heart. You should wear water and vegetation. You transmit life to the gods. Which god are you not beneficial to? (39)

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