Popular:
यजुर्वेद

Adhyaya 11 • Mantra 49

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 11 • मन्त्र 49

11.49

Mantra ID: 11.49

वि पाज॑सा पृ॒थुना॒ शोशु॑चानो॒ बाध॑स्व द्वि॒षो र॒क्षसो॒ऽअमी॑वाः । सु॒शर्म॑णो बृह॒तः शर्म॑णि स्याम॒ग्नेर॒हꣳ सु॒हव॑स्य॒ प्रणी॑तौ ॥ (४९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

यजुर्वेद मन्त्र 11.49 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप विशाल, बलवान व दीप्तिमान हैं. आप द्वेषियों, राक्षसों व रोगों का नाश कीजिए. हमें सुखदायी विशाल महायज्ञ में लगाने की कृपा कीजिए. आप की कृपा से हम अच्छी हवि वाले हों. हमें आंतरिक प्रसन्नता प्राप्त कराइए. (४९)

EN English Translation

O agni! You are huge, strong and radiant. You destroy malice, demons and diseases. Please put us in a pleasant huge mahayagya. By your grace, we are good-tempered. Give us inner happiness. (49)

卐 HinduText AI