Yajurveda Quick Jump
Navigate to any Adhyaya or Mantra
12.21
अक्र॑न्दद॒ग्नि स्त॒नय॑न्निव॒ द्यौः क्षामा॒ रेरि॑हद् वी॒रुधः॑ सम॒ञ्जन् । स॒द्यो ज॑ज्ञा॒नो वि हीमि॒द्धोऽअख्य॒दा रोद॑सी भा॒नुना॑ भात्य॒न्तः ॥ (२१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
यजुर्वेद मन्त्र 12.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि के गरजने की आवाज मेघ के गरजने की आवाज के समान है. पृथ्वी को मेघ के समान ही भिगाते हैं. समिधावान अग्नि स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक को प्रकाशित व उन के मध्य चमकते हैं. (२१)
EN English Translation
The sound of agni thundering is like the sound of thundering of cloud. They soak the earth like a cloud. The rich agni illuminates heaven and earth and shines between them. (21)