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12.6
अक्र॑न्दद॒ग्नि स्त॒नय॑न्निव॒ द्यौः क्षामा॒ रेरि॑हद् वी॒रुधः॑ सम॒ञ्जन् । स॒द्यो ज॑ज्ञा॒नो वि हीमि॒द्धोऽअख्य॒दा रोद॑सी भा॒नुना॑ भात्य॒न्तः ॥ (६)
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यजुर्वेद मन्त्र 12.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि बादल के समान गरजते हैं. स्वर्गलोक से वह पृथ्वी पर व्याप्त होते हैं. वे लताओं को घेर लेते हैं व शीघ्र जलते हैं. वे समिधावान और सब को प्रकाशित करते हैं. वे अपने प्रकाश से सब को प्रकाशित करते हैं. (६)
EN English Translation
Fire roars like a cloud. From heaven, they pervade the earth. They surround the vines and burn quickly. They enlighten everyone and all. They illuminate everything with their light. (6)