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यजुर्वेद

Adhyaya 13 • Mantra 11

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 13 • मन्त्र 11

13.11

Mantra ID: 13.11

प्रति॒ स्पशो॒ विसृ॑ज॒ तूर्णि॑तमो॒ भवा॑ पा॒युर्वि॒शोऽ अ॒स्या अद॑ब्धः । यो नो॑ दू॒रेऽ अ॒घश॑ꣳसो॒ योऽ अन्त्यग्ने॒ माकि॑ष्टे॒ व्यथि॒राद॑धर्षीत् ॥ (११)

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यजुर्वेद मन्त्र 13.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! कोई भी हमें तकलीफ न पहुंचा सके. कोई भी हमें व्यथा न पहुंचा सके. आप हमारे दूर या पास जहां कहीं भी कोई भी दुश्मन हो, उन्हें अपने पाश में बांधने की कृपा कीजिए. (११)

EN English Translation

O agni! No one can hurt us. No one can disturb us. Wherever you are any enemy far or near us, please tie them in your loop. (11)

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