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यजुर्वेद

Adhyaya 13 • Mantra 9

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 13 • मन्त्र 9

13.9

Mantra ID: 13.9

कृ॒णु॒ष्व पाजः॒ प्रसि॑तिं॒ न पृ॒थ्वीं या॒हि राजे॒वाम॑वाँ॒२ऽ इभो॑न । तृ॒ष्वीमनु॒ प्रसि॑तिं द्रूणा॒नोऽस्ता॑सि॒ विध्य॑ र॒क्षस॒स्तपि॑ष्ठैः ॥ (९)

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यजुर्वेद मन्त्र 13.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप दुष्टों को कष्ट दीजिए. आप राजा की तरह हाथी पर सवार हो कर शत्रुओं पर आक्रमण कीजिए. आप राक्षसों को तपाइए. विस्तृत जाल की तरह आप अपनी सामर्थ्य का जाल और अधिक पसारिए. (९)

EN English Translation

O agni! You trouble the wicked. You ride on an elephant like a king and attack the enemies. You heat the demons. Like a wide net, you spread your strength more. (9)

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