Popular:
यजुर्वेद

Adhyaya 15 • Mantra 60

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 15 • मन्त्र 60

15.60

Mantra ID: 15.60

ताऽअ॑स्य॒ सूद॑दोहसः॒ सोम॑ꣳ श्रीणन्ति॒ पृश्न॑यः । जन्म॑न्दे॒वानां॒ विश॑स्त्रि॒ष्वारो॑च॒ने दि॒वः ॥ (६०)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

यजुर्वेद मन्त्र 15.60 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वे इन सूर्य की किरणें हैं. वे सोमरस को पकाती हैं. सोमरस को शोभा और श्रेष्ठ रंग प्रदान करती हैं. देवताओं के जन्म में स्वर्गलोक को प्रकाशित करती हैं. (६०)

EN English Translation

They are the rays of the sun. They cook somers. Gives somers beauty and excellent color. In the birth of the gods, they illuminate the heavens. (60)

卐 HinduText AI