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यजुर्वेद

Adhyaya 17 • Mantra 51

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 17 • मन्त्र 51

17.51

Mantra ID: 17.51

इन्द्रे॒मं प्र॑त॒रां न॑य सजा॒ताना॑मसद्व॒शी । समे॑नं॒ वर्चसा सृज दे॒वानां॑ भाग॒दाऽअ॑सत् ॥ (५१)

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यजुर्वेद मन्त्र 17.51 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र देव! आप हमें उत्कृष्टता की ओर ले जाइए. आप हमारे सजातियों को हमारे वश में कीजिए. आप हमें समान वर्चस्वी और देवताओं को उन का भाग देने में समर्थ बनाइए. (५१)

EN English Translation

O Indra Dev! You take us towards excellence. You subdue our decorators. You make us equal dominated and able to give the gods their share. (51)

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