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18.43
प्र॒जाप॑तिर्वि॒श्वक॑र्मा॒ मनो॑ गन्ध॒र्वस्तस्य॑ऽऋ॒क्सा॒मान्य॑प्स॒रस॒ऽएष्ट॑यो॒ नाम॑ । स न॑ऽइ॒दं ब्रह्म॑ क्ष॒त्रं पा॑तु॒ तस्मै॒ स्वाहा॒ वाट् ताभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (४३)
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यजुर्वेद मन्त्र 18.43 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
गंधर्व प्रजापति, विश्वकर्मा व मन स्वरूप हैं. गंधर्व ब्राह्मणों व क्षत्रियो की रक्षा करने की कृपा करें. ऋकू और साम की एष्टि नामक अप्सरा है. वे हमारी रक्षा करने की कृपा करें. उन के लिए यह आहुति अर्पित है. उन के लिए स्वाहा. (४३)
EN English Translation
Gandharva prajapati, Vishwakarma and mana swaroop. Please protect Gandharva Brahmins and Kshatriyas. Riku and Sama have an apsara named Ashti. Please protect us. This sacrifice is an offering for them. Swaha for them. (43)