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18.59
ए॒तꣳ स॑धस्थ॒ परि॑ ते ददामि॒ यमा॒वहा॑च्छेव॒धिं जा॒तवे॑दाः । अ॒न्वा॒ग॒न्ता य॒ज्ञप॑तिर्वो॒ऽअत्र॒ तꣳ स्म॑ जानीत पर॒मे व्यो॑मन् ॥ (५९)
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यजुर्वेद मन्त्र 18.59 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे परम शक्ति! चारों ओर से यज्ञफल हम आप को भेंट करते हैं. अग्नि यजमान को जो फल भेंट करते हैं, वह हम आप के लिए अर्पित करते हैं, अंततोगत्वा यजमान परम व्योम में आता है. उस की गति को आप जानिए. (५९)
EN English Translation
O Supreme Power! We present the yajnaphal to you from all sides. We offer the fruit that we offer to the agni host for you, finally the host comes to the Supreme Vyom. You know the speed of that. (59)