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19.30
व्र॒तेन॑ दी॒क्षामा॑प्नोति दी॒क्षया॑प्नोति॒ दक्षि॑णाम् । दक्षि॑णा श्र॒द्धामा॑प्नोति श्र॒द्धया॑ स॒त्यमा॑प्यते ॥ (३०)
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यजुर्वेद मन्त्र 19.30 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ब्रत से दीक्षा प्राप्त होती है. दीक्षा से दक्षिणा प्राप्त होती है. दक्षिणा से श्रद्धा पराप्त होती है. श्रद्धा से सत्य प्राप्त किया जाता है. (३०)
EN English Translation
Initiation is received from Brat. Dakshina is obtained from initiation. Reverence is filled with Dakshina. Truth is obtained by faith. (30)