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यजुर्वेद

Adhyaya 2 • Mantra 7

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 2 • मन्त्र 7

2.7

Mantra ID: 2.7

अग्ने॑ वाजजि॒द् वाजं॑ त्वा सरि॒ष्यन्तं॑ वाज॒जित॒ꣳ सम्मा॑र्ज्मि । नमो॑ दे॒वेभ्यः॑ स्व॒धा पि॒तृभ्यः॑ सु॒यमे॑ मे भूयास्तम् ॥ (७)

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यजुर्वेद मन्त्र 2.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप अन्नदाता हैं. शक्तिमान लोग अन्न की प्राप्ति हेतु आप को सम्मार्जित (शुद्ध) करते हैं. हम आहुति के साथ देवताओं व पितरों को नमस्कार करते हैं. आप हमारे लिए कल्याणकारी होने की कृपा कीजिए. (७)

EN English Translation

O agni! You are the food provider. Powerful people honor you to get food. We greet the gods and ancestors with sacrifice. Please be a benefactor for us. (7)

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