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20.77
पु॒त्रमि॑व पि॒तरा॑व॒श्विनो॒भेन्द्रा॒वथुः॒ काव्यै॑र्द॒ꣳसना॑भिः । यत्सु॒रामं॒ व्यपि॑बः॒ शची॑भिः॒ सर॑स्वती त्वा मघवन्नभिष्णक् ॥ (७७)
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यजुर्वेद मन्त्र 20.77 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अशश््विनीकुमारो ! आप यजमान की मातापिता द्वारा पुत्र की रक्षा करने के समान रक्षा करते हैं. इंद्र देव विद्वान् हैं. वे यजमान की प्रार्थनाओं को सुनते हैं. संग्राम में विपत्तिग्रस्त होने पर अश्विनी देव रक्षा करते हैं. इंद्र देव अपनी सामर्थ्य से ओषधियों का पान करते हैं, तो सरस्वती देवी आप की स्तुति करती हैं. (७७)
EN English Translation
O ashamvinikumaro! You protect the host like the guardian protecting the son. Indra Dev is a scholar. They listen to the prayers of the host. Ashwini Dev protects when there is a disaster in the struggle. Indra Dev drinks medicines with his power, then Saraswati Devi praises you. (77)