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21.41
होता॑ यक्षद॒श्विनाै॒ छाग॑स्य व॒पाया॒ मेद॑सो जु॒षेता॑ ह॒विर्होत॒र्यज॑ । होता॑ यक्ष॒त्सर॑स्वतीं मे॒षस्य॑ व॒पाया॒ मेद॑सो जु॒षता॑ ह॒विर्होत॒र्यज॑ । होता॑ यक्ष॒दिन्द्र॑मृष॒भस्य॑ व॒पाया॒ मेद॑सो जु॒षता॑ ह॒विर्होत॒र्यज॑ ॥ (४१)
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यजुर्वेद मन्त्र 21.41 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
होता ने अश्विनीकुमारों के लिए छाग के मेद से यज्ञ किया. आप भी ऐसी ही हवि से यज्ञ करने की कृपा कीजिए. होता ने सरस्वती देवी के लिए मेष के मेद से यज्ञ किया. आप भी ऐसी ही हवि से यज्ञ करने की कृपा करों. होता इंद्र की प्रसन्नता हेतु ऋषभ की वसा को स्थापित करते हैं. होता सब के कल्याण हेतु ऐसा यज्ञ करें. (४१)
EN English Translation
Hota performed a yagna for Ashwinikumars with the med of Chhag. Please also perform yajna with the same havi. Hota performed a yagna for Saraswati Devi with the med of Aries. Please also do yajna with the same havi. Hota establishes Rishabh's fat for Indra's happiness. Do such a yajna for the welfare of all. (41)