Popular:
यजुर्वेद

Adhyaya 22 • Mantra 1

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 22 • मन्त्र 1

22.1

Mantra ID: 22.1

तेजो॑ऽसि शु॒क्रम॒मृत॑मायु॒ष्पाऽआयु॑र्मे पाहि । दे॒वस्य॑ त्वा सवि॒तुः प्र॑स॒वेऽश्विनो॑र्बा॒हुभ्यां॑ पू॒ष्णो हस्ता॑भ्या॒माद॑दे ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

यजुर्वेद मन्त्र 22.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देव! आप तेजोमय, चमकीले, अमर व आयु की रक्षा करने वाले हैं. आप हमारी आयु की रक्षा कीजिए. सविता देव और अश्विनीकुमार की बाहु तथा पूषा देव के हाथों आप हम पर कृपा दान कीजिए. (१)

EN English Translation

O God! You are bright, bright, immortal and protecting the age. You protect our age. You give us grace at the hands of Savita Dev and Ashwinikumar's bahu and Pusha Dev. (1)

卐 HinduText AI