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यजुर्वेद

Adhyaya 27 • Mantra 28

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 27 • मन्त्र 28

27.28

Mantra ID: 27.28

आ नो॑ नि॒युद्भिः॑ श॒तिनी॑भिरध्व॒रꣳ स॑ह॒स्रिणी॑भि॒रुप॑ याहि य॒ज्ञम् । वायो॑ऽ अ॒स्मिन्त्सव॑ने मादयस्व यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥ (२८)

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यजुर्वेद मन्त्र 27.28 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वायु! आप अपने सैकड़ों और हजारों घोड़ों को रथ में जोत कर इस यज्ञ में जल्दी से पधारिए. हे वायु! इस यज्ञ में आप भी आनंदित होइए और अपने कल्याणकारी साधनों से हमारी भी रक्षा करने की कृपा कीजिए. (२८)

EN English Translation

O wind! You plough hundreds and thousands of your horses in the chariot and come quickly to this yajna. O wind! Please also rejoice in this yajna and please protect us with your welfare means. (28)

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