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28.40
दे॒वा दैव्या॒ होता॑रा दे॒वमिन्द्रं॑ वयो॒धसं॑ दे॒वौ दे॒वम॑वर्धताम् । त्रि॒ष्टुभा॒ छन्द॑सेन्द्रि॒यं त्विषि॒मिन्द्रे॒ वयो॒ दध॑द् वसु॒वने॑ वसु॒धेय॑स्य वीतां॒ यज॑ ॥ (४०)
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यजुर्वेद मन्त्र 28.40 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
दिव्य होता इंद्र देव के लिए यज्ञ करते हैं. वे उन के लिए आयु धारण करते है. देवताओं ने उन की बढ़ोतरी की. हम त्रिष्टुप् छंद से उन की उपासना करते हैं. वे हमारे लिए धन धारते हैं. वे हमें धन प्रदान करें. यजमान उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (४०)
EN English Translation
They perform yajna for the divine god. They hold the age for them. We worship them with trishtupanda. They hold money for us. They give us money. May the host please perform yajna for them. (40)