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यजुर्वेद

Adhyaya 4 • Mantra 23

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 4 • मन्त्र 23

4.23

Mantra ID: 4.23

सम॑ख्ये दे॒व्या धि॒या सं दक्षि॑णयो॒रुच॑क्ष॒सा । मा म॒ऽआयुः॒ प्रमो॑षी॒र्मोऽअ॒हं तव॑ वी॒रं वि॑देय॒ तव॑ देवि स॒न्दृशि॑ ॥ (२३)

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यजुर्वेद मन्त्र 4.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वाग्‌ देवी! आप दक्षिणा के योग्य हैं. आप ने बुद्धिपूर्वक हमें देखा है. आप हमारी (सपरिवार) आयु क्षीण मत कीजिए यानी हमें दीर्घायु बनाइए, हे देवी! हम भी आप की आयु क्षीण न करें. आप की दया दृष्टि से हम वीर पुत्र पाएं. (२३)

EN English Translation

O Goddess! You are worthy of Dakshina. You have seen us wisely. Don't shorten our life, that is, make us live long, O Goddess! Let us also not reduce your age. With your mercy, may we have brave sons. (23)

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