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यजुर्वेद

Adhyaya 40 • Mantra 9

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 40 • मन्त्र 9

40.9

Mantra ID: 40.9

अ॒न्धन्तमः॒ प्र वि॑शन्ति॒ येऽस॑म्भूतिमु॒पास॑ते । ततो॒ भूय॑ऽइव॒ ते तमो॒ यऽउ॒ सम्भू॑त्या र॒ताः ॥ (९)

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यजुर्वेद मन्त्र 40.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो व्यक्ति विनाश की उपासना करते हैं, वे घोर अंधकार में प्रवेश करते हैं. जो संभूति (सृजन) के उपासक हैं, वे भी वैसे ही अंधकार में प्रवेश करते हैं. (९)

EN English Translation

Those who worship destruction enter the darkness. Those who are worshippers of sambhuti (creation) also enter darkness in the same way. (9)

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