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यजुर्वेद

Adhyaya 7 • Mantra 24

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 7 • मन्त्र 24

7.24

Mantra ID: 7.24

मू॒र्द्धानं॑ दि॒वोऽअ॑र॒तिं पृ॑थि॒व्या वै॑श्वान॒रमृ॒तऽआ जा॒तम॒ग्निम् । क॒विꣳ स॒म्राज॒मति॑थिं॒ जना॑नामा॒सन्ना पात्रं॑ जनयन्त दे॒वाः ॥ (२४)

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यजुर्वेद मन्त्र 7.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप स्वर्गलोक के सर्वोच्च स्थान पर चमकते हैं. आप पृथ्वी पर सूर्य की भांति चमकते हैं. आप वैश्वानर (आग) व सर्वज्ञ हैं. यजमान लोगों ने अग्नि को अरणिमंथन (लकड़ियों की रगड़) से प्रकट किया है. अग्नि देव हमारे अतिथि सम्राट्‌ हैं. (२४)

EN English Translation

O agni! You shine in the highest place of paradise. You shine like the sun on earth. You are a vaishvanar (agni) and omniscient. The hosts have revealed the agni with aranimanthan (rubbing of wood). Agni Dev is our guest emperor. (24)

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