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यजुर्वेद

Adhyaya 8 • Mantra 29

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 8 • मन्त्र 29

8.29

Mantra ID: 8.29

यस्यै॑ ते य॒ज्ञियो॒ गर्भो॒ यस्यै॒ योनि॑र्हिर॒ण्ययी॑ । अङ्गा॒न्यह्रु॑ता॒ यस्य॒ तं मा॒त्रा सम॑जीगम॒ꣳ स्वाहा॑ ॥ (२९)

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यजुर्वेद मन्त्र 8.29 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देवी! इसी से आप का गर्भ यज्ञ से संबंधित भावनाएं रखने वाला है. आप की योनि इसी से स्वर्गमयी है. अंग अग्नि की तरह पवित्र हैं. मंत्रों से आप का पवित्र समागम होता है. आप के लिए यह आहुति समर्पित है. (२९)

EN English Translation

O Goddess! With this, your womb is going to have feelings related to yajna. Your vagina is heavenly by this. Organs are as sacred as agni. Mantras make you have a holy congregation. This sacrifice is dedicated to you. (29)

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