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यजुर्वेद

Adhyaya 8 • Mantra 31

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 8 • मन्त्र 31

8.31

Mantra ID: 8.31

मरु॑तो॒ यस्य॒ हि क्षये॑ पा॒था दि॒वो वि॑महसः । स सु॑गो॒पात॑मो॒ जनः॑ ॥ (३१)

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यजुर्वेद मन्त्र 8.31 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मरुद्गण! आप दिव्य व विशिष्ट हैं. आप लोगों के कष्ट दूर करते हैं. आप लोगों की गायों के अच्छे रक्षक हैं. (३१)

EN English Translation

O Desertion! You are divine and special. You remove people's sufferings. You are a good protector of people's cows. (31)

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