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9.35
ए॒ष ते॑ निर्ऋते भा॒गस्तं जु॑षस्व॒ स्वाहा॒ऽग्निने॑त्रेभ्यो दे॒वेभ्यः॑ पुरः॒सद्भ्यः॒ स्वाहा॑ य॒मने॑त्रेभ्यो दे॒वेभ्यो॑ दक्षिणा॒सद्भ्यः॒ स्वाहा॑ वि॒श्वदे॑वनेत्रेभ्यो दे॒वेभ्यः॑ पश्चा॒त्सद्भ्यः॒ स्वाहा॑ मि॒त्रावरु॑णनेत्रेभ्यो वा म॒रुन्ने॑त्रेभ्यो वा दे॒वेभ्य॑ऽउत्तरा॒सद्भ्यः॒ स्वाहा॒ सोम॑नेत्रेभ्यो दे॒वेभ्य॑ऽउपरि॒सद्भ्यो॒ दुव॑स्वद्भ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (३५)
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यजुर्वेद मन्त्र 9.35 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे पृथ्वी! यह आप का हिस्सा है. आप इसे स्वीकारिए. पृथ्वी माता के लिए स्वाहा. पूर्व दिशा का नेतृत्व करने वाले अग्नि के लिए स्वाहा. दक्षिणी दिशा का नेतृत्व करने वाले यम देव के लिए स्वाहा. पश्चिम दिशा में विशव के लिए स्वाहा. उत्तर दिशा का नेतृत्व करने वाले मित्र और वरुण देव या मरुद्गणों के लिए स्वाहा. ऊपर और स्वर्गलोक में सोम के लिए स्वाहा. सभी देवगणों के लिए स्वाहा. (३५)
EN English Translation
O earth! It's part of you. You accept it. Swaha for Mother Earth. Swaha for agni leading in the east direction. Swaha for Yama Dev, who leads the southern direction. Swaha for the world in the west direction. Swaha for friends and Varuna Devas or Marudganas leading the north direction. Swaha for Soma above and in paradise. Swaha for all the gods. (35)