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Pooja Rajvanshi

@pooja_rajvanshi

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Pooja Rajvanshi

310

Classical Sanskrit Scholar & Yoga Practitioner, Rishikesh

योग, सांख्य दर्शन और दैनंदिन सनातन परंपराओं के वैज्ञानिक व दार्शनिक पहलुओं की अध्येता।

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Answer on: हिंदू धर्म में इतने देवी-देवता क्यों हैं?

सनातन धर्म में 'इष्टदेवता' की सुंदर संकल्पना है। हर व्यक्ति की मानसिक प्रकृति (स्वभाव) भिन्न होती है। कोई मातृत्व भाव से माँ दुर्गा को पूजता है, कोई सखा भाव से श्रीकृष्ण को, कोई वैराग्य भाव से महादेव को। यह आध्यात्मिकता का लोकतंत्र (Spiritual Freedom) है।

2 महीने पहले 45 Upvotes
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Answer on: अद्वैत वेदान्त के अनुसार 'माया' क्या है? क्या संसार पूर्णतः असत्य अथवा काल्पनिक है?

सांख्य दर्शन में जिसे 'प्रकृति' कहा गया है, अद्वैत में उसे ही ब्रह्म की अचिन्त्य शक्ति 'माया' कहा गया है। जब तक देहाभिमान है, माया सत्य की तरह व्यवहार करती है।

2 महीने पहले 24 Upvotes
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Answer on: सनातन धर्म में मूर्ति पूजा का वास्तविक दार्शनिक आधार क्या है?

शैव और वैष्णव आगमों में मूर्ति निर्माण के लिए शिल्पशास्त्र का कड़ा विधान है। रूप, अनुपात और मुद्राओं (Mudras) के माध्यम से मानव मस्तिष्क में शांति, अभय और भक्ति के भाव स्वतः संचारित होते हैं।

2 महीने पहले 33 Upvotes
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क्या महाभारत का युद्ध वास्तव में हुआ था या यह केवल एक रूपक (Mythology) है? पुरातात्विक व खगोलीय साक्ष्य क्या कहते हैं?

अक्सर पश्चिमी इतिहासकार और कुछ आधुनिक लेखक महाभारत को विशुद्ध 'मिथक' या काल्पनिक महाकाव्य कह देते हैं। दूसरी ओर, भारतीय परंपरा इसे 'इतिहास' (ऐसा ही हुआ था) मानती है। द्वारका की समुद्र तल में खोज, कुरुक्षेत्र, हस्तिनापुर, राखीगढ़ी और खगोलीय गणनाएं (Archaeo-astronomy) महाभारत की ऐतिहासिकता के बारे में क्या ठोस प्रमाण प्रस्तुत करती हैं?

2 महीने पहले 16476 Views 99 Upvotes
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मांडूक्य उपनिषद् में वर्णित 'तुरीय' अवस्था क्या है और यह जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति से कैसे भिन्न है?

प्रणाम सभी को, मांडूक्य उपनिषद् में चेतना की चार अवस्थाओं का वर्णन मिलता है— १. वैश्वानर (जाग्रत अवस्था - Waking) २. तैजस (स्वप्न अवस्था - Dreaming) ३. प्राज्ञ (सुषुप्ति अवस्था - Deep Sleep) ४. तुरीय (चतुर्थ अवस्था) प्रश्न यह है कि तुरीय अवस्था को कोई अलग अवस्था क्यों नहीं बल्कि केवल 'चतुर्थ' (Fourth) कहा गया? क्या तुरीय का अनुभव सामान्य मनुष्य ध्यान के माध्यम से कर सकता है? कृपया इस पर उपनिषदीय दृष्टिकोण से प्रकाश डालें।

2 महीने पहले 2964 Views 37 Upvotes
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Answer on: भगवान शिव के वक्षस्थल (छाती) पर माँ काली का पैर क्यों है? इसका वास्तविक दार्शनिक और तांत्रिक रहस्य क्या है?

यह रूपक हमें यह भी सिखाता है कि जब हमारी इंद्रियां और सांसारिक वृत्तियां अनियंत्रित हो जाएं, तो उन्हें शांत करने के लिए भीतर के 'शिव' (आत्म-साक्षी भाव) को जाग्रत करना अनिवार्य है।

2 महीने पहले 40 Upvotes
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Answer on: Did ancient India really have advanced Vimanas/flying machines, or are modern claims an exaggeration of poetic texts?

Adding an engineering and psychological perspective: ancient authors had extraordinary imagination and conceptualized the possibility of three-dimensional aerial travel (Akasha Gamana). In the Ramayana, the Pushpaka Vimana was described as being guided by the mind of its master (*Mano-vega*). While this showcases ancient India's visionary imagination for flight thousands of years before the Wright brothers, claiming they had mechanical supersonic jets with mercury vortex engines is an unverified modern misinterpretation born out of fake WhatsApp forwards.

2 महीने पहले 50 Upvotes
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