Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 101 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 101 • ऋचा / मन्त्र 1

10.101.1

Mantra ID: 10.101.1

उद्बु॑ध्यध्वं॒ सम॑नसः सखायः॒ सम॒ग्निमि॑न्ध्वं ब॒हवः॒ सनी॑ळाः । द॒धि॒क्राम॒ग्निमु॒षसं॑ च दे॒वीमिन्द्रा॑व॒तोऽव॑से॒ नि ह्व॑ये वः ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.101.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सखा ऋत्विजो! समान मन वाले बनकर जागो. तुम अनेक होकर भी एक स्थान में रहने वालों के समान अग्नि को प्रज्वलित करो. मैं अपनी रक्षा के लिए दधिका, उषा, अग्नि एवं इंद्र को बुलाता हूं. (१)

EN English Translation

O sakha ritvizo! Wake up with the same mind. You, though many, ignite the agni like those who live in one place. I call Dadika, Usha, Agni and Indra to protect myself. (1)

卐 HinduText AI