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10.30.6
ए॒वेद्यूने॑ युव॒तयो॑ नमन्त॒ यदी॑मु॒शन्नु॑श॒तीरेत्यच्छ॑ । सं जा॑नते॒ मन॑सा॒ सं चि॑कित्रेऽध्व॒र्यवो॑ धि॒षणाप॑श्च दे॒वीः ॥ (६)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.30.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जिस प्रकार अभिलाषापूर्ण युवक, पुरुष की कामना करने वाली युवती को पाकर नम्र हो जाता है, उसी प्रकार जल सोम की ओर अनुकूल बनकर बहते हैं. अध्वर्युजनों एवं उनकी स्तुतियों से जलदेव का विशेष परिचय है. दोनों एक-दूसरे के उपकार को देखते हैं. (६)
EN English Translation
Just as the desireful young man becomes humble to find a young woman who wishes for a man, so the water flows towards The Mon. There is a special introduction to the adhwaryujans and their praises. The two see each other's favors. (6)