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4.18.9
मम॑च्च॒न ते॑ मघव॒न्व्यं॑सो निविवि॒ध्वाँ अप॒ हनू॑ ज॒घान॑ । अधा॒ निवि॑द्ध॒ उत्त॑रो बभू॒वाञ्छिरो॑ दा॒सस्य॒ सं पि॑णग्व॒धेन॑ ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 4.18.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे धन के स्वामी इंद्र! व्यंस नामक राक्षस ने मतवाला बनकर तुम पर आक्रमण किया एवं तुम्हारी नाक और ठोड़ी पर चोट की. इसके बाद तुम अधिक शक्तिशाली बन गए एवं बुमने अपने वज्र से उसका सिर काट दिया. (९)
EN English Translation
O Lord of wealth Indra! A demon named Vance attacked you as a drunkard and hit your nose and chin, after which you became more powerful and cut off his head with his thunderbolt. (9)