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4.42.6
अ॒हं ता विश्वा॑ चकरं॒ नकि॑र्मा॒ दैव्यं॒ सहो॑ वरते॒ अप्र॑तीतम् । यन्मा॒ सोमा॑सो म॒मद॒न्यदु॒क्थोभे भ॑येते॒ रज॑सी अपा॒रे ॥ (६)
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ऋग्वेद मन्त्र 4.42.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
सब प्रसिद्ध काम हमने ही किए हैं. देवों के न हारने वाले बल से युक्त होने के कारण हमें कोई नहीं रोक सकता. जब सोमरस एवं स्तुतियां हमें मतवाला कर देती हैं, तब विस्तृत धरती-आकाश भी डर जाते हैं. (६)
EN English Translation
We have done all the famous work. No one can stop us because of the godly power of not losing. When the somras and the praises make us jealous, the vast earth and the sky are also afraid. (6)