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ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 42 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 42 • ऋचा / मन्त्र 7

4.42.7

Mantra ID: 4.42.7

वि॒दुष्टे॒ विश्वा॒ भुव॑नानि॒ तस्य॒ ता प्र ब्र॑वीषि॒ वरु॑णाय वेधः । त्वं वृ॒त्राणि॑ श‍ृण्विषे जघ॒न्वान्त्वं वृ॒ताँ अ॑रिणा इन्द्र॒ सिन्धू॑न् ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 4.42.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वरुण! तुम्हारे कामों को सारा संसार जानता है. हे स्तोता! वरुण के निमित्त स्तुति बोलो. हे इंद्र! ऐसा सुना जाता है कि तुमने बैरियों का वध किया था. तुमने ढकी हुई नदियों को प्रवाहित किया था. (७)

EN English Translation

Hey Varun! The whole world knows your deeds. This is the hymn! Speak praise for Varuna. O Indra! It is heard that you killed the barries. You had flown the covered rivers. (7)

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