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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 24 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 24 • ऋचा / मन्त्र 16

8.24.16

Mantra ID: 8.24.16

एदु॒ मध्वो॑ म॒दिन्त॑रं सि॒ञ्च वा॑ध्वर्यो॒ अन्ध॑सः । ए॒वा हि वी॒रः स्तव॑ते स॒दावृ॑धः ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.24.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अध्वर्युगण! तुम मदकारक सोमलता के अतिशय मदकारक अंश सोमरस को इंद्र के लिए निचोड़ो. वीर एवं सदा बढ़ने वाले इंद्र की ही स्तुति की जाती है. (१६)

EN English Translation

O teacher! You squeeze the extreme itemizer fraction of the somalgamata to The Somras to Indra. Only the heroic and ever-growing Indra is praised. (16)

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