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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 48 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 48 • मन्त्र 3

20.48.3

Mantra ID: 20.48.3

वज्रा॑पव॒साध्यः॑ की॒र्तिर्म्रि॒यमा॑ण॒माव॑हन् । मह्य॒मायु॑र्घृ॒तं पयः॑ ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.48.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ये वज्रधारी इंद्र मुझे यश, आयु, घृत और दूध प्रदान करें. (३)

EN English Translation

May this Vajradhari Indra give me fame, age, ghee and milk. (3)

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