Popular:
अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 3 • Mantra 8

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 3 • मन्त्र 8

10.3.8

Mantra ID: 10.3.8

यन्मे॑ मा॒ता यन्मे॑ पि॒ता भ्रात॑रो॒ यच्च॑ मे॒ स्वा यदेन॑श्चकृ॒मा व॒यम् । ततो॑ नो वारयिष्यते॒ऽयं दे॒वो वन॒स्पतिः॑ ॥ (८)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 10.3.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यह वनस्पति से निर्मित दिव्य गुण वाली मणि मेरी माता, मेरे पिता, मेरे भ्राता और मुझे किए गए समस्त पापों से बचाएगी. (८)

EN English Translation

This gem with divine qualities made from vegetation will save my mother, my father, my brother and me from all the sins committed. (8)

卐 HinduText AI