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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 10 • Mantra 14

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 10 • मन्त्र 14

11.10.14

Mantra ID: 11.10.14

ऊ॒रू पादा॑वष्ठी॒वन्तौ॒ शिरो॒ हस्ता॒वथो॒ मुख॑म् । पृ॒ष्टीर्ब॑र्जह्ये पा॒र्श्वे कस्तत्सम॑दधा॒दृषिः॑ ॥ (१४)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.10.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जंघाओं को, पैरों को, घुटनों को, शीश को, हाथों को और मुख को, पसलियों को किस ऋषि ने बनाया. (१४)

EN English Translation

Who made the thighs, feet, knees, head, hands and mouth, ribs? (14)

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